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Wednesday, May 22, 2024

कूड़े के ढेर में मिले ’25 करोड़’ के डॉलर, कचरा मालिक का हो गया अपहरण, फिल्मी कहानी से मचा हड़कंप

बेंगलुरु। बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कूड़ा बीनने वाले को रेलवे ट्रैक पर कूड़े के ढेर में एक बैग मिला। इसके अंदर 23 बंडल अमेरिकी डॉलर थे। भारतीय मुद्रा में डॉलर की कीमत 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कचरा बीनने वाले सलमान शेख को यह बंडल 1 नवंबर को मिले थे। बैग के अंदर ढेर सारे विदेशी मुद्रा के नोट देखकर सलमान आश्चर्यचकित रह गया। इसमें 23 बंडल थे, प्रत्येक बंडल में 100 नोट थे।

उसने बंडल को अपने पास रख लिया और 5 नवंबर को इसे अपने मालिक बप्पा के पास ले गया। इसके बाद उसके बॉस ने एक सामाजिक कार्यकर्ता काली मुल्ला से संपर्क किया, जिन्होंने फिर पुलिस आयुक्त से संपर्क किया। इसके तुरंत बाद बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने उन्हें तलब किया। हेब्बल पुलिस स्टेशन को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
नोटों में केमिकल मिला हुआ है और पुलिस को संदेह है कि यह ब्लैक डॉलर घोटाले में शामिल गिरोहों का काम है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये नोट नकली लग रहे हैं। हालांकि करेंसी नोट नकली हैं या असली, इसका पता लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को भेज दिया गया है।

हैरानी की बात तब हुई जब चार लोगों के एक हथियारबंद गिरोह ने 5 नवंबर को 43 वर्षीय स्क्रैप डीलर बप्पा का अपहरण कर लिया। ये अपहरण पुलिस को नोट सौंपने के बाद किया गया। कथित तौर पर उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और अपहरणकर्ताओं द्वारा कई घंटों तक यातना दी गई। उन्होंने ‘कचरा मालिक’ से पाए गए विदेशी नोट उन्हें सौंपने को कहा। बाद में यह जानने के बाद कि पैसा पुलिस के पास है, आरोपी ने उसे पुलिस से शिकायत न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

द हिंदू कू रिपोर्ट के मुताबिक, 7 नवंबर की रात हथियारबंद गिरोह एक कार में चिरंजीवी लेआउट में पीड़ित की कॉलोनी में आया। तौहीदुल इस्लाम उर्फ बप्पा अपनी झुग्गी में अकेला रहता था जबकि उसका परिवार पश्चिम बंगाल में रहता है। दो आदमी बाहर पहरा दे रहे थे, दो अन्य अंदर घुस आए और पैसे की तलाश में उनके कमरे में तोड़फोड़ करने से पहले कथित तौर पर बप्पा पर हमला किया। शोर सुनकर आसपास रहने वाले कुछ कूड़ा बीनने वाले उसे बचाने आए। पहले तो उन्हें लगा कि यह कोई शरारत है, लेकिन जब उनमें से एक ने बंदूक पकड़े एक आदमी को देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि बप्पा गहरी मुसीबत में हैं। गिरोह ने बप्पा को कार में ले जाने से पहले कचरा बीनने वालों को दूर रहने के लिए कहा।

कूड़ा बीनने वालों ने शहर के सामाजिक कार्यकर्ता कलीमुल्ला को बुलाया, जिन्होंने पुलिस को सतर्क किया। अमृतहल्ली और हेब्बल पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस जांच चल रही थी, इसी बीच बप्पा को अपहरणकर्ताओं ने रिहा कर दिया और वह घर आ गया। पुलिस अब अपहरणकर्ताओं की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज जुटा रही है। पुलिस को संदेह है कि डॉलर घोटाले के पीछे का गिरोह बप्पा को ट्रैक करने में कामयाब रहा और नकली मुद्रा बरामद करने के लिए उनका अपहरण कर लिया। अपनी आपबीती याद करते हुए बप्पा ने द हिंदू को बताया कि अपहरणकर्ता कन्नड़ और हिंदी में बात कर रहे थे। वे उसका लैपटॉप, एक बैग जिसमें लगभग ₹50,000 नकद और तीन फोन थे, ले गए।

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