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Tuesday, May 21, 2024

टॉपर्स का कारखाना बना उत्तरकाशी का यह स्कूल, उत्तराखंड बोर्ड में झंडे गाड़ने के पीछे कामयाबी का राज तो जान लीजिए

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद उत्तरकाशी और खासतौर से यहां का सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ प्रदेश में चर्चा में आ गया है। 10वीं और 12वीं के एग्जाम में इसी स्कूल के छात्रों ने उत्तराखंड में टॉप किया है। 12वीं में 500 में से 480 अंक लाकर टॉपर बने हैं तो वहीं 10वीं में स्वाती ने 94.8% अंक के साथ टॉप किया है। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल की टॉप-20 की मेरिट लिस्ट में कुल चार छात्रों ने जगह बनाई तो 12वीं में सात छात्रों ने। इसी तरह प्रत्येक वर्ष यहां के छात्र-छात्राएं मेरिट सूची में अपना स्थान बनाने में सफल होते हैं।

 

 

 

 

स्वाती रावत इंजिनियरिंग सेक्टर में आगे जाना चाहती हैं। स्वाती के पिता राजेंद्र सिंह रावत किसान हैं वहीं,12वीं की टॉप सूची में शामिल समीक्षा राणा के पिता अध्यापक हैं, और वह आईएएस बनना चाहती हैं। आखिर क्या खासियत है कि एक स्कूल से इतने छात्र टॉप 20 में जगह बना रहे हैं।

 

 

इस बारे में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल नत्थी लाल बंगवाल ने बताया है कि यहां नौवीं क्लास से ही हर स्टूडेंट पर खास ध्यान दिया जाता है। टीचर्स छात्रों से लेकर उनके अभिभावकों तक के संपर्क में रहते हैं। होम एग्जाम के बाद मेरिट के आधार पर सेक्शन बनाए जाते हैं। जो छात्र कमजोर हैं, उन पर भी विशेष ध्यान देकर और अधिक मेहनत की जाती है। बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा कॉपी लिखने के लिए नियमित अभ्यास कराया जाता है।

 

 

2007 से शुरू हुआ मेरिट का सिलसिला

स्कूल में पहली बार एक छात्र ने 2007 में हाईस्कूल की मेरिट में जगह बनाई थी। स्कूल को 2006 में 12वीं की मान्यता मिली। पिछले साल 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रोहन रावत ने प्रदेश में टॉप किया था, जबकि 10वीं और 12वीं में दर्जन भर विद्यार्थियों ने प्रदेश की टॉप-20 सूची में स्थान बनाया था।

विद्यार्थियों के लिए फ्री एक्स्ट्रा क्लासेज की व्यवस्था की जाती है।

शिक्षक पढ़ाते समय हर टॉपिक पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए बच्चों को समझाने का प्रयास करते हैं।

क्लास टीचर लगातार अभिभावकों के संपर्क में रहते हैं और उनकी हर गतिविधि की जानकारी रखते हैं।

नौवीं क्लास से ही हर स्टूडेंट पर खास ध्यान दिया जाता है। टीचर्स छात्रों से लेकर उनके अभिभावकों तक के संपर्क में रहते हैं।

होम एग्जाम के बाद मेरिट के आधार पर सेक्शन बनाए जाते हैं।

जो छात्र कमजोर हैं, उन पर भी विशेष ध्यान देकर और अधिक मेहनत की जाती है।

बोर्ड परीक्षा में शमिल होने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा कॉपी लिखने के लिए नियमित अभ्यास कराया जाता है।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्‍ट आया

उत्तराखंड बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। हाईस्कूल में 100 % स्टूडेंट्स सफल हुए हैं। इंटरमीडिएट में 98% रिजल्ट रहा। लड़कियों ने हमेशा की तरह लड़कों से बेहतर रिजल्ट दिया। 10वीं की परीक्षा में विद्यालय की स्वाती ने टॉप किया है। जबकि इंटरमीडिएट में समीक्षा राणा अव्वल रही।

 

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