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Wednesday, June 12, 2024

एम्स में कल्चरल एण्ड स्पोर्टस पायरेक्सिया-2023 शुरू

पाइरेक्सिया समागम में ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ के हो रहे दर्शन-सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय कल्चरल एण्ड स्पोर्टस पायरेक्सिया-2023 का शुभारम्भ किया। उन्होंने देशभर से आये छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों का देवभूमि में स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन एक अतुलनीय पाइरेक्सिया समागम प्रतीत हो रहा है। इसमें ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ भी परिलक्षित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन तनाव को कम करने, प्रतिभा एवं कौशल को अभिव्यक्त करने के साथ अच्छा ज्ञान ओर ऊर्जा प्राप्त करने में मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि युवा चिकित्सक बडी जिम्मेदारी एवं मेहनत के साथ इस पेशे में आये है। स्वास्थ्य शिक्षा प्राप्त करने के आपके विचार को परमात्मा ने निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा प्रशिक्षु चिकित्सक अमृतकाल के अमृत-स्वास्थ्य सेवा प्रदाता हैं, आपको उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा, स्वस्थ समाज बनाने की चुनौती का भी सामना करना होगा। आपकी एक छोटी सी पहल व आपसी बातचीत एक मरीज़ को, उस व्यक्ति को जीवन प्रदान कर सकता है, क्योंकि डॉक्टरों पर समाज द्वारा बहुत भरोसा किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव एक ऐसा आकर्षण है जिसकी अनगिनत भागीदारी व्यक्ति में कौशल, नेतृत्व और टीम भावना के विकास की रही है। इससे उन्हें समाज से जुडकर समाज को स्वस्थ बनाने की भी प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से सुझाव के रूप में अपेक्षा की कि वे इस पायरेक्सिया में एक विशेष अतिथि की परंपरा शुरू कर सकते हैं, इसमें गरीब बस्ती के स्कूलों में जहां गरीब परिवार के बच्चे पढ़ते हैं वहां जाकर 8वीं 9वीं कक्षा के बच्चों के साथ कुछ समय बिताने के प्रयास हो। यह अवसर उस बालक मन में जिज्ञासा पैदा करेगा, जो शायद उसका टीचर नहीं कर पाएगा, उसके मन में भी नए सपने जगेंगे, उसको भी लगेगा कि कभी उसकी जिंदगी में यह अवसर आयेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में 14 एवं 15 जुलाई को देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों की उपस्थिति में हुए स्वास्थ्य चिंतन शिविर में भी पारंपरिक चिकित्सा, सांस्कृतिक विविधता पर भी विशेष रूप से मंथन हुआ है। नव स्थापित एम्स की अवधारणा ही यह है कि उन क्षेत्रों में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जांय जहां चिकित्सा सुविधाएं कम हैं। और एम्स ऋषिकेश इस कठिन भू-भाग और भौगोलिक बाधाओं वाले देवभूमि की जनता को बहुत जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। आज सड़क दुर्घटना एक प्रमुख समस्या है।

यह असामयिक मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं, और चौंकाने वाली बात है कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के देशों में (भारत सहित) वैश्विक संख्या की लगभग 90ः दुर्घटनाएँ, सड़क दुर्घटना की है। इस कठिन इलाके में चिकित्सा देखभाल में सुधार हेतु एम्स ऋषिकेश ने हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (एचईएमएस) की शुरुआत की है, दूर-दराज के क्षेत्रों से एम्स ऋषिकेश में लाए जाने वाले ट्रॉमा रोगियों के लिए एयर एम्बुलेंस और हेलीपैड तथा, ट्रॉमा और आपातकालीन सुविधा की शुरुआत, ट्रॉमा से निपटने के लिए एक सराहनीय कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत काल में भारत 2047 तक विकासशील भारत बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में भारत में जी-20 संवाद का विषय सच्चे अर्थों में सामाजिक न्याय को शामिल करता है। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को अपनाकर, ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के लोकाचार को सामूहिक बढ़ावा देकर हम स्वास्थ्य विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले जी-20 के सम्मेलन बडे शहरों में हुआ करते थे आज देश के कोने-कोने में इसके आयोजन हो रहे है।

उत्तराखण्ड में भी जी-20 के तीन आयोजन हुये है। इससे पूरी दुनिया देश के सामर्थ्य और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एम्स ऋषिकेश का उधमसिंह नगर में सेटेलॉइट सेन्टर बनाया जा रहा है। इससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता के साथ उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती जनपदों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

इस अवसर पर मेयर ऋषिकेश श्रीमती अनिता मंमगांई, निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह, डीन डॉ. जया चतुर्वेदी सहित फैकल्टी मेम्बर एवं बडी संख्या में चिकित्सा शिक्षा के छात्र उपस्थित थे।

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