27 C
Dehradun
Saturday, May 18, 2024

DNA से होगी पहचान , एक बॉडी के 5 दावेदार ओडिशा रेल हादसे की दर्द भरी कहानी

ओडिशा रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई है. इसमें अभी तक 205 शवों की पहचान हो पाई है. ये हादसा कई परिवारों को जिंदगीभर का जख्म दे गया है. लोग अपने रिश्तेदारों की तलाश में भटक रहे हैं. आलम ये है कि एक शख्स ने एक बॉडी की पहचान अपने भतीजे के रूप में की, लेकिन उस शव के भी 5 दावेदार हैं.

ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे ने कई परिवार उजाड़ दिए हैं. कोई पिता अपने बेटे को तो कोई बेटा अपने पिता को खोज रहा है. किसी का भाई जख्मी है तो किसी की मां लापता है. जहां हादसा हुआ, वह अब एक खौफनाक सन्नाटा पसरा हुआ है. अपनों की तलाश है कि खत्म ही नहीं होती. दर्द की इंतहा ऐसी कि एक व्यक्ति ने अपने भतीजे के शव की शिनाख्त कर ली, लेकिन उस बॉडी पर 5 और लोग दावा कर रहे हैं कि वह उनका रिश्तेदार है. आलम ये है कि लोग अपने रिश्तेदारों की तलाश में DNA का सहारा ले रहे हैं. रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हुई है, इसमें 205 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि शेष की तलाश होना बाकी है. हादसे में एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. 

मोहम्मद इनाम उल हक ने बताया कि मेरे भतीजों और मेरे भाई की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी, इसलिए हम उनके शव लेने आए हैं. हम पिछले चार दिनों से यहां घूम रहे हैं. मेरे भाई और दो भतीजे (तौसीफ आलम और तौसीर आलम) इस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, जिनकी मौत हो गई. हमें आज AIIMS में एक भतीजे की बॉडी तो मिल गई है. अब मैं अपने भाई और दूसरे भतीजे की तलाश कर रहा हूं. 

इनाम ने कहा कि मैंने उनकी तलाश में वह सब कुछ किया है जो मैं कर सकता था, मैं उन सभी अस्पतालों में गया, जहां अधिकारियों ने मुझे जाकर जांच करने के लिए कहा. मैंने उन्हें हर जगह ढूंढा लेकिन अभी तक कोई नहीं मिला. अब कहा जा रहा है कि DNA सैंपल देना होगा. वे कह रहे हैं कि जिसका भी डीएनए मैच होगा, हम उसी को बॉडी दे देंगे.

एक बॉडी के 5 दावेदार

मोहम्मद इनाम उल हक ने कहा कि मेरा एक भतीजा है जिसकी हमने पहचान तो कर ली है, लेकिन पांच और दावेदार हैं जो कह रहे हैं कि यह उनका रिश्तेदार है. इसलिए उसकी बॉडी का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. यहां जिम्मेदार लोग कह रहे हैं कि जिससे उसका डीएनए टेस्ट होगा उसी को बॉडी मिलेगी.

‘बॉडी लेने के लिए DNA टेस्ट ही ऑप्शन’

रॉयटर्स के मुताबिक जब मोहम्मद इनाम उल हक से पूछा गया कि DNA टेस्ट कैसे होगा, इस पर उन्होंने कहा कि मैं दूसरे भतीजे के डीएनए सैंपल के साथ एक डीएनए परीक्षण करवा रहा हूं. वे इस बच्चे के डीएनए के साथ मेरे भतीजे की बॉडी  के डीएनए का मिलान करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे पास यह पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है कि यह किसकी बॉडी है. पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लगता है.

‘हादसे में बेटे और 2 पोतों को खोया’

ट्रेन हादसे में मारे गए 12 वर्षीय बच्चे के दादा निज़ामुद्दीन ने कहा कि वह मेरा पोता है. उसकी बॉडी तो मिल गई है, लेकिन इसके पिता और इसके बड़े भाई का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है. खूब कोशिश की, यहां वहां भटका लेकिन मेरा बेटा और एक पोता अभी भी नहीं मिल सके हैं. सिर्फ एक पोते की बॉडी मिली है तो मजबूरी में इसे ही अपने साथ लेकर जा रहा हूं.

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles