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Tuesday, May 21, 2024

पशुपतिनाथ से लौटा ब्राह्मणों का दल, धार्मिक यात्रा से दैनिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

 

उत्तरकाशी। धार्मिक यात्रा के तहत उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के 15 सदस्यि ब्राह्मणो का दल बीते मंगलवार को लौट आये।

 

अयोध्या,नेमिशारण्य,मथुरा, वृन्दावन,नेपाल स्थित पशुपतिनाथ आदि पवित्र स्थानों का भ्रमण कर लौट आए। इन विध्वान जनों ने धार्मिक यात्रा का महत्व बताया। धार्मिक यात्रा करने वालों में पंडित प्यारे लाल नौटियाल, शक्ति प्रसाद नौटियाल, वीरेंद्र कुकरेती, उपेन्द्र कुकरेती, दीपक भट्ट, दिनेश जोशी,नरेश उनियाल, प्रकाश जोशी, सोनी मिश्रा, शांति बिजलवाण, संदीप ग़ैरोला आदि ने बताया कि पुरानी परंपरा है कि हर व्यक्ति को तीर्थ यात्रा जरूर करनी चाहिए। तीर्थ यात्रा जैसे चार धाम की यात्रा, द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, काशी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का विधान है। आमतौर पर लोग तीर्थ यात्रा को धर्म और दान-पुण्य से जोड़कर देखते हैं, लेकिन मंदिर और तीर्थों की यात्रा से धर्म के साथ ही कई अन्य लाभ भी मिलते हैं।

दैनिक जीवन का तनाव होता है कम

समय-समय पर तीर्थ यात्रा करने से दैनिक जीवन में चल रही परेशानियों से कुछ समय के लिए मुक्ति मिल जाती है। एक जैसी दिनचर्या की वजह से तनाव बढ़ता है और उत्साह कम होता जाता है। ऐसे में जब हम तीर्थ यात्रा पर जाते हैं तो मन प्रसन्न होता है। नई ऊर्जा मिलती है। यात्रा से लौटकर हम पूरी उत्साह के साथ काम कर पाते हैं।

बढ़ती है सकारात्मकता

सभी प्राचीन मंदिरों का निर्माण वास्तु के अनुसार किया गया है। मंदिरों की बनावट ऐसी होती है, जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हमेशा बना रहता है। मंदिर में आने वाले भक्तों के नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं और सोच सकारात्मक बनती है। मंदिरों और तीर्थों को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसी वजह से मंदिर या तीर्थ पर जाने से हमारे मन को शांति मिलती है। शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ किए गए काम में सफलता मिलती है।

स्वास्थ्य के लिए है फायदेमंद

आमतौर पर अधिकतर प्राचीन तीर्थ और मंदिर ऐसी जगहों पर बनाए गए हैं, जहां का प्राकृतिक वातावरण हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। ज्यादातर मंदिरों में सीढ़ियां होती ही हैं, इन सीढ़ियों पर चढ़ने-उतरने से व्यायाम होता है। भजन-कीर्तन में तालियों बजाने से एक्यूप्रेशर के लाभ मिलते हैं। घंटी आवाज नकारात्मक सोच को खत्म करती है।

तीर्थ यात्रा से ज्ञान बढ़ता है

प्राचीन तीर्थ स्थलों पर जाने से पौराणिक ज्ञान बढ़ता है। देवी-देवताओं से जुड़ी कथाएं और परंपराएं मालूम होती हैं। प्राचीन संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। मंदिर के पंडित और आसपास रहने वाले लोगों से संपर्क होता है, जिससे अलग-अलग रीति-रिवाजों को जानने का अवसर मिलता है। भगवान और भक्ति से जुड़ी मान्यताओं की जानकारी मिलती है। जिसका लाभ दैनिक जीवन की पूजा में मिलता है।

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