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Friday, April 19, 2024

अनुसूचित जाति के शिल्पकारों के लिए बनाई गई सामग्री

13 दुकानें भूतल में हैं, चार मल्टीपरपज हॉल प्रथम तल में हैं, और द्वितीय तल में आवासीय भवन और प्रशिक्षण कक्ष बनकर तैयार हैं।

रुद्रपुर। 3.14 करोड़ रुपये की लागत से किच्छा बाईपास में कांप्लैक्स बनाया गया है, जो अनुसूचित जाति वर्ग के शिल्पियों को उनके उत्पादों को बेचने और बाजार की सुविधा देने के लिए बनाया गया है। भवन जल्द ही समाज कल्याण विभाग को कार्यदायी संस्था मंडी परिषद से हस्तांतरित किया जाएगा।

डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन, समाज कल्याण की ओर से अनुसूचित जाति के लोगों को सुविधाएं देने के लिए बनाया गया है। भूतल पर बनाई गई 13 दुकानों में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को न्यूनतम शुल्क देना होगा। प्रथम मंजिल पर चार बहुउद्देश्यीय भवन बनाए गए हैं, जहां प्रशिक्षण और बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।

द्वितीय तल पर कार्यालय कक्ष और डोरमैट्री (आवासीय भवन) बनाया गया है, जो शिल्पियों के लिए अस्थायी और छोटे अवस्थान के लिए बनाया गया है। डोरमैट्री में रहने के लिए लाभार्थियों से बिजली-पानी, रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए न्यूनतम शुल्क वसूला जाएगा। विभाग को भवन हस्तांतरित होने के बाद इसे पीपीपी मोड में चलाया जाएगा, जबकि उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम इसे आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाएगा।

पहले चरण में, अनुसूचित जाति वर्ग के शिल्पियों को दुकानें दी जाएंगी। यदि अनुसूचित जाति के पर्याप्त आवेदक उपलब्ध नहीं हो सकते, तो कम से कम ३० प्रतिशत दुकानें सामान्य वर्ग के शिल्पियों को दी जाएंगी। साथ ही, अनुसूचित जाति के लोगों की तुलना में दुकानों का शुल्क चार गुना अधिक होगा।

कोट: डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन, जो बनकर तैयार है, मंडी परिषद को जल्द ही समाज कल्याण को दिया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग को सुविधा मिलेगी। उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचना होगा। – अमन अनिरुद्ध, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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